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Monday, 1 February 2016

इन्टरनेट को अपने नियंत्रण में करने के लिए फेसबुक कुछ कंपनियों के साथ मिलकर एक भयंकर चाल चल रहे है

05:16:00 Posted by Swapnil Bhagat

FREE BASICS का विरोध करें, NET Neutrality (नेट तटस्थता) का समर्थन करें


दुनिया में कुछ फ्री नहीं होता .इन्टरनेट को अपने नियंत्रण में करने के लिए फेसबुक कुछ कंपनियों के साथ मिलकर एक भयंकर चाल चल रहे है
वो लोगो को गलत जानकारी देकर फ्री बेसिक्स (Free Basics) को समर्थन करने के लिए बोल रहे है और अनजाने में बहुत से लोग इसका समर्थन कर रहे है यह भूल भूलकर भी करें
यह लोग अपने लाभ के अनुसार इन्टरनेट का प्रयोग करेंगे और इन्टरनेट पर सूचना की आजादी समाप्त हो जाएगी फिर हम वही देख पाएंगे जो ये दिखाना चाहते है
इस विषय में लोगो को बताये और डिजिटल समानता के लिए TRAI को सन्देश बिलकुल मत भेजे जिसका विषय होता है "मैं भारत में Free Basics का समर्थन करता हूँ
क्या है फ्री बेसिक्स सर्विस?
फेसबुक के साथ रिलायंस कम्युनिकेशंस एक एप्लीकेशन के जरिए फ्री बेसिक्स इंटरनेट सर्विस दे रही थी। इस सर्विस को रिलायंस ने इसी साल अक्टूबर में लॉन्च किया था। लेकिन ट्राई के आदेश के बाद फिलहाल रिलायंस ने इसे होल्ड पर रख दिया है।

फेसबुक ने पहले इस सर्विस को इंटरनेट डॉट ओआरजी के नाम से लॉन्च किया था। लेकिन कई एक्सपर्ट्स ने इसे नेट न्यूट्रैलिटी के खिलाफ बताया था। विरोध के बाद फेसबुक ने इसे Free Basics इंटरनेट के नाम से रिब्रांड किया।

अगर यह "FREE BASICS/ INTERNET.ORG" को लाने के सफल हो गए तो इस से भारत की स्टार्टअप कंपनियों को बहुत नुक्सान होजायेगा क्योंकि वो जिस कंपनी की वेबसाइट या एप्लीकेशन को जो उनके लिए खतरा साबित होने वाली है उनके प्रयोग को नियंत्रित कर रोक देंगे या धीमा कर देंगे

जैसे फ्लिप्कार्ट और अमेज़न में से अमेज़न को आसानी से प्रयोग किया जा सकेगा परन्तु भारतीय कंपनी की साइट्स को नहीं

और कही कही स्वदेशी की भावना को आहत करेगा

FREE BASICS क्यों खतरनाक है?

इसका अर्थ है की आपको बिना इन्टरनेट प्लान लिए इन्टरनेट उपलब्ध करवाना जो सुनने में अच्छा लगता है लेकिन इसका अर्थ है की आपको केवल रिलायंस के सिम पर यह सुविधा मिलेगी किसी अन्य ऑपरेटर या WIFI पर नहीं

जिन वेबसाइट को फेसबुक बेसिक मानेगा उन्ही को फ्री किया जायेगा अर्थात जो फेसबुक को खुश रखेगा वो अधिक लोगो तक पहुच पायेगा और

यही सबसे खतरनाक बात है

इस से अमेरिकन कंपनिया जिस भी प्रतिद्वंदी को समाप्त करना चाहेगी उसको फ्री बेसिक्स में रजिस्टर नहीं करेगी

जिस फेसबुक ने बिना प्रचार के फेसबुक को इतना बड़ा बनाया आज वह क्यों एक फ्री सेवा Internet.org या Free Basics का इतना बढ़ चढ़कर करोडो रूपए खर्च कर प्रचार कर रहा है और वो भी केवल रिलायंस के साथ ही क्यों

क्या फेसबुक जैसी एक अमेरिकन कंपनी मुफ्त सेवा की बात कर रही है वो काम
भारत नहीं कर सकता?

बिलकुल कर सकता है और भारत सरकार पासपोर्ट सेवा, IRCTC, दूरदर्शन, भारतीय पोस्ट, NCERT e-books जैसी साइट्स को किसी भी ऑपरेटर IDEA, AIRTEL, TATA आदि पर मुफ्त उपलब्ध करवा सकती है

इसके लिए फेसबुक जैसी कंपनी की क्या ज़रूरत है

मैं ऋणी हूँ फेसबुक का क्योंकि इसके कारण मैं राजीव दीक्षित जी को जान पाया लेकिन ऐसी किसी बातो का समर्थन नहीं दूंगा जो हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोके

क्या कोई विकल्प है?

फेसबुक का एक प्रतिद्वंदी है Tsu.co जो अपने प्रयोग करने वालो को कमाई का 90% देती है उस सामग्री के लिए जो उन्होंने पोस्ट की है

फेसबुक ने इस से घबराकर इस लिंक को ब्लाक किया लेकिन आलोचना होने के कारन दिसम्बर 2015 में उसे वापस कर दिया

Tsu.co पर जाये और फेसबुक को उसकी औकात याद दिलाये
FREE BASICS का विरोध करें, NET Neutrality (नेट तटस्थता) का समर्थन करें

इस विषय से सम्बंधित विडियो  निचे दिया है




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