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Friday, 12 May 2017

हाई ब्लड प्रेसर का देसी इलाज

10:18:00 Posted by Swapnil Bhagat ,

हाई ब्लड प्रेसर का देसी इलाज 



  1. लीची के मौसम में इसका सेवन करें , लाभ होगा .
  2. सुबह कच्चे लहसुन की ३-४ कलियाँ खाएं , इससे कोलेस्ट्राल भी कम रहेगा और ब्लड प्रेसर नियंत्रण में रहेगा . लहसुन नाइट्रिक आक्साइड का उत्पादन बढ़ता है , जिससे मांसपेशियों को आराम मिलता है . साथ ही इसके सेवन से रक्त का थक्का नहीं जमता है और ब्लाकेज की समस्या नहीं आती है .
  3. अलसी और उसके तेल को नियमित भोजन में शामिल करें . इसका ओमेगा – ३ अन्य ओमेगा – ६ के साथ संतुलन बनाएगा और ब्लड प्रेसर नियंत्रण में रहेगा .
  4. आंवले का रस और शहद १ -१ चम्मच मिलाकर सुबह शाम पीने से बहुत लाभ होता है .
  5. सुबह के समय हरी घास पर नंगे पैर चलने से ब्लड प्रेसर नियंत्रण में रहता है .
  6. गर्मियों के मौसम में तरबूज खूब मिलता है , इसका नियमित सेवन करें .
  7. एक चम्मच मेथी के दाने को रात में भिगो दें और सुबह खली पेट चबाकर खा लें .
  8. अगर शहतूत मिल जाए तो इसका शरबत बना कर दिन में दो बार पियें .
  9. हाई ब्लड प्रेसर को सामान्य बनाने का अचूक उपाय : तरबूज की गिरी और खस खस को बराबर मात्र में लेकर पीस लें . रोजाना सुबह शाम खाली पेट एक एक चम्मच सादे पानी के साथ एक महीने तक लें .
  10. लीची के मौसम में इसका सेवन करें , लाभ होगा .
  11. अलसी और उसके तेल को नियमित भोजन में शामिल करें . इसका ओमेगा – ३ अन्य ओमेगा – ६ के साथ संतुलन बनाएगा और ब्लड प्रेसर नियंत्रण में रहेगा .
  12. आमला रक्तवाहिनियों को फैला देता है , इसके सेवन से आराम मिलता है .
  13. गाजर का मुरब्बा खाने से भी आराम मिलता है .
  14. अगर ब्लड प्रेसर बहुत बढ़ा हुआ है तो आधे गिलास गुनगुने पानी में १ चम्मच काली मिर्च पावडर मिलकर २-२ घंटे पर पियें .
  15. लहसुन और अदरक का पेस्ट बना लें और इसे पानी घोल लें . अब इसमें थोडा नीम्बू का रस और शहद मिला दें . इस घोल को नियमित पीने से रक्तवाहिनियों में जमाव नहीं होगा और ब्लड प्रेसर सामान्य रहेगा .
  16. सर्पगंधा को पीसकर सुबह शाम २ -२ ग्राम लेने से ब्लड प्रेसर सामान्य हो जाएगा .
  17. भोजन कर लेने के बाद २ कच्चे लहसुन की कलियाँ मुनक्का के साथ खाएं . इससे ब्लड प्रेसर सामान्य रहेगा .
  18. बढे ब्लड प्रेसर को जल्दी नियंत्रण में लाने के लिए १ गिलास पानी में १ नीबू निचोड़ कर २ -२ घंटे पर पियें .
  19. पपीते का रोजाना सेवन ब्लड प्रेसर को नियंत्रण में रखता है .
  20. १ ग्राम सुखा धनियाँ , १ ग्राम सर्पगंधा और २ ग्राम मिसरी को पीसकर सादे पानी के साथ खाने पर हाई ब्लड प्रेसर सामान्य हो जाता है .
  21. गेहूं की रोटी शाम को बच गयी है तो सुबह उसे दूध में भिगोकर खाएं , इससे ब्लड प्रेसर सामन्य हो जाएगा .
  22. प्याज का रस और शहद बराबर मात्र में मिलाएं . रोजाना लगभग १० ग्राम इसे खाने से ब्लड प्रेसर सामान्य रहेगा .
  23. इलायची के नियमित सेवन से रक्त का थक्का नहीं जमता है .
  24. लौकी , गाजर और पलक का रस सुबह खाली पेट पीने से ब्लड प्रेसर की शिकायत नहीं आएगी और सेहत में भी सुधार होगा .
  25. ब्राउन चावल का प्रयोग करें .
  26. मेथी के दानो का चूरन रोज सुबह एक चम्मच खाली पेट पानी के साथ लेने पर ब्लड प्रेसर नियंत्रण में रहता है .
  27. सौंफ , जीरा और शक्कर को बराबर मात्र में लेकर पीस लें . १ गिलास पानी में १ चम्मच घोलकर सुबह शाम पियें .
  28. गेहूं के आंटे में चने का आंटा मिलकर रोटियां बनायें और खाएं

Wednesday, 27 July 2016

Great Health tip in 1 minute

10:04:00 Posted by Swapnil Bhagat
*शरीर स्वस्थ व आरोग्यदायी राहण्यासाठी*





(१) ९०% आजार हे पोटातून होतात, पोटात अॅसिडीटी, कब्ज नसला पाहिजे, पोट स्वच्छ, साफ तो आरोग्याचा राजा.
(२) शरीरात न धरता येणारे १३ वेग आहेत. याचा विचार करा.
(३) १६० प्रकारचे रोग फक्त मांसाहाराने होतात हे लक्षात ठेवा.
(४) ८० प्रकारचे आजार नुसत्या चहा पिण्याने होतात. हा आपल्याला इंग्रजांनी दिलेला विषारी डोस आहे.
(५) ४८ प्रकाचे रोग ऎल्युनियम भांडी वापरल्याने होतात.त्यात आपण ही भांडी सर्रास वापरतो. ही भांडी ब्रिटिशांनी आपल्या कैदी लोकांना त्रास होवा म्हणून वापरत.
(६) तसेच दारू, कोल्ड्रिंक, चहा याच्या अति सेवनाने हदय रोग होऊ शकतो.
(७) मॅगिनॉट, गुटका, सारी, डुक्कराचे मांस, पिज्जा, बर्गर, बिडी, सिगारेट, पेप्सी, कोक यामुळे मोठे आतडे सडते.
(८) जेवण झाल्यावर लगेच स्नान करु नये यामुळे पाचनशक्ती मंद होते, शरीर कमजोर होते.
(९) केस रंगवू नका, हेअर कलरने डोळ्यास त्रास होतो, कमी दिसू लागते.
(१०) गरम पाण्याने स्नान करण्याने शरीराची प्रतिकार शक्ती कमी होते. गरम पाणी कधीही डोक्यावरुन घेऊ नये डोळे कमजोर होतात.
(११) स्नान करताना कधीही पटकण डोक्यावरून पाणी घेऊ नका कारण पॅरालिसिसचा, हदयाचा अॅटक येऊ शकतो. प्रथम पायावर, गुडघ्यावर, मांडीवर, पोटावर, छातीवर, खांद्यावर, पाणी टाकत चोळत पहिल्यांदा स्नान करावे नंतर डोक्यावर पाणी घ्यावे त्यामुळे डोक्यातून रक्तसंचार पाया कडे होता व त्रास होत नाही, चक्कर येत नाही.
(१२) उभ्याने कधीही पाणी पिऊ नये टाच कायमची दुखु लागते.
(१३) जेवताना वरुन कधीही मीठ घेऊ नये त्यामुळे चक्तचाप, ब्लडप्रेशर वाढतो.
(१४) कधीही जोराने शिंकू नये नाहीतर कानाला त्रास होऊ शकतो.
(१५) रोज सकाळी तुळशीचे पाने खावीत कधीच सर्दी, ताप, मलेरिया होणार नाही
(१६) जेवणानंतर रोज जुना गुळ आणि सौफ खावी पचन चांगले होते व अॅसिडिटी होत नाही.
(१७) सतत कफ होत असेल तर नेहमी मुलहठी चोळावी कफ बाहेर पडतो व आवाज चांगला होतो.
(१८) नेहमी पाणी ताजे प्यावे,विहीरीचे पाणी फार चांगले, बाटलीबंद फ्रिज मधले पाणी कधीही पिऊ नये यामुळे नसानसांत त्रास होतो.
(१९) पाण्याने होणारे रोग यकृत, टायफॉइड, शस्त्र, पोटाचे रोग या पासून लिंबू आपल्याला वाचवते.
(२०) गहूचा चीक, गहूचे कोंब खाण्याने शरीराची प्रतिकार शक्ती वाढते.
(२२) स्वैयपाक झाल्यावर ४८ मिनिटाच्या आत खावा नाहीतर त्यातील पोषक तत्वे नाहीशी होतात.
(२३) मातीच्या भांडयात स्वैयपाक केल्यास १००% पोषक, काशाच्या भांडयात स्वैयपाक केल्यास ९७% पोषक, पिताळाच्या भांडयात स्वैयपाक केल्यास ९३% पोषक, अल्युमिनियमच्या भांडयात स्वैयपाक केल्यास ७ ते १३% पोषक असते
(२४) गव्हाचे पीठ १५ दिवस जुने झालेले वापरू नये.
(२५) १४ वर्षाच्या खालील मुलांना मैदयाचे पदार्थ बिस्किटं, सामोसा व इतर पदार्थ खावू घालू नये.
(२६) खाण्यास सैंधा मीठ सर्वश्रेष्ठ त्यानंतर काळेमीठ व नंतर पांढरे मीठ पण हे मीठ फार विषारी असते.
(२७) भाजलेल्या ठीकाणी बटाट्याचा रस, हळद, मध, घृतकुमारी, यातील काही लावले तर थंड वाटते व व्रण पडत नाही
(२८) पायाचा अंगठा सरसूच्या तेलाने चोळल्यास डोळ्याची आग, खाज, लाली बरी होते.
(२९) खाण्याचा चुना ७० प्रकारचे रोग बरे करतो.
(३०) कुत्रा चावल्यास तेथे लगेच हळद लावा.
(३१) लिंबू, सरशी तेल, हळद, मीठ एकत्र करुन दात घासल्यास दात स्वच्छ व सफेद होतात, व सर्व दाताचे आजार बरे होतात. डोळ्याचा आजार जेव्हा असेल तेव्हा दात घासू नये.
(३२) फार जागरण केल्याने शरीराची प्रतिकार शक्ती कमजोर होते. पचनक्रिया बिघडते व डोळ्यांचे रोग होतात.
(३३) सकाळचे भोजन राजकुमारा सारखे तर दुपारचे भोजन राजा सारखे आणि रात्रीचे भोजन भिकारयासारखे असते व असावे.

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उपाय
कोथींबीर घ्या बारीक चिरुन घ्या. पाणी उकळून त्यात कोथींबीर टाका गॅस बंद करून झाकण ठेवा (५ मिनीट),नंतर गाळून घ्या आणि रोज १ग्लास ठीक १५दिवस पीत रहा लघवीने बारीक बारीक कण निघता निघता पुर्ण बाहेर निघून किडनी पुर्ण पणे साफ होईल.
किडनी स्टोन पासुन मुक्त होणारा हा उपाय कुपया जास्तीत जास्त मित्रांना शेयर करा.

Thursday, 21 July 2016

Fair & Lovely की असलियत जानकर आप हैरान रह जायेंगे।

06:39:00 Posted by Swapnil Bhagat , , , , , , ,



Friends,
अगर fair & lovely से गोरापन आता तो ये अफ्रीका वाले क्यूँ काले है
दुनिया मे fair & lovely लगाने  से कोई आदमी गोरा हुआ नहीं और आगे होने की कोई संभावना नहीं !
 गोरा और काला होने का सिद्धांत ही अलग है !हमारे रक्त  मे एक कैमिकल होता है उसका नाम है Melanin जब melanin की मात्रा बढ़ जाती है तो शरीर काला पड़ जाता है और जब melanin की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर गोरा हो जाता है ! और जब melanin की मात्रा न बढ़ती है न कम होती है तो शरीर सांवला हो जाता है ! हम सब हिन्दुस्तानी साँवले है क्यूंकि melanin की मात्रा न ज्यादा है न कम ! और आदर्श(prefect) स्थिति यही होती है
हमारे देश मे एक राष्ट्रपति थे डॉ  राधा कृष्णन , वो एक बार लंदन गए वहाँ अंग्रेज़ पत्रकारो ने उन्हे चिढ़ाने के लिए एक सवाल पूछा
आप हिन्दुस्तानी काले क्यूँ होते है ?
तो डाक्टर राधा कृष्णन ने इतना सुंदर जवाब दिया वो आप सबको देना !
उन्होने कहा हम हिन्दुस्तानी काले नहीं होते कुछ और होते है !
अंग्रेज़ ने पूछा तो क्या होते है ?

डाक्टर राधा कृष्णन ने एक कहानी सुनाई !
उन्होने ने कहा भगवान जी ने रोटी बनाई और वो कच्ची रह गई वो सब खाकर तुम सब अंग्रेज़ पैदा हुए !

भगवान जी ने फिर एक रोटी बनाई वो जल गई उसको खाकर ये अफ्रीकी पैदा हुए !

और फिर भगवान जी ने तीसरी रोटी बनाई वो न जाली न कच्ची रही बराबर सिकी !
उसे कहकर हम हिन्दुस्तानी पैदा हुए !

तो हम काले नहीं साँवले है और आज विज्ञान ने स्वीकार किया है कि साँवले रंग वालों को त्वचा का कैंसर होने की संभावना सबसे कम होती है !कारण क्या है खून मे melanin की मात्रा सबसे perfect हमारी ही है !!इसलिए अपने साँवले होने पर गर्व करो इसे हीन भावना से मत देखो !

और बार – बार ध्यान करो।
कि भगवान शंकर जी साँवले ! भगवान राम साँवले ! भगवान कृष्ण साँवले।
तो हम गोरे होकर करेंगे क्या ? हम तो साँवले ही अच्छे।

और जब ये बात मन मे बैठ जाये कि हम तो साँवले ही अच्छे है तो फिर ये fair & lovely की जरूरत क्या ?? ये तो गोरा बनाने वाली क्रीम है।
और दोस्तो जब ये विज्ञापन बार – बार tv पर आता है न ! कि fair & lovely लगाओ आप दो दिन मे गोरे हो जाओगे 3 दिन मे हो जाओगे 1 महीने मे गोरे हो जाओगे ! तो इसको देख भारत की करोड़ो काली माँ ,बहन , बेटियो की छाती पर आड़ी चलती है ! आप इसको महसूस करो.
हम  तो जानते हैं हमारा हिंदुस्तान तो 121 करोड़ की आबादी का है और उसमे 50 करोड़ तो माताए बहने हैं और उनमे से 40 से 45 करोड़ मताए ,बहने या तो काली है या साँवली है।  उनके दिलो पर कटार चलती है जब वो ये विज्ञापन देखती है।  हाय रे हाय गोरेपन की क्रीम fair lovely

और फिर उन माताओ बहनो को लगता है कि गोरे होने से ही जिंदगी सवर्ती है और आपको जानकार हैरानी होगी कई बहने ने सिर्फ इस बात के कारण आत्म ह्त्या कि काले रंग के कारण उनकी शादी नहीं हो पा रही थी !


fair & lovely (विदेशी कंपनी क ज़हर) के खिलाफ़ मद्रास हाईकोर्ट में केस ।

राजीव दीक्षित जी का दोस्त जो होस्टल में उनके साथ पड़्ता था । 12 साल से fair and lovely लगा रहा था । फ़िर भी चिक्कट काला । और बोला होस्टल में आने से पहले भी 8 साल से लगा रहा है ।

राजीव भाई ने कहा कभी तो तु सुधरेगा । तो उसने कहा कल से fair and lovely बंद ।

राजीव भाई ने पूछा तेरे पास fair and lovely ख़रीदने का बिल है । उनसे
कुछ बिल निकाल कर दिये । जिसके आधार पर उन्होने मद्रास हाईकोर्ट में केस दर्ज कर दिया । पहले तो जज ने कहा मेरे घर में भी यही समस्या है।  लेकिन उसने बहुत सुंदर जजमेंट दिया !
कंपनी के अधिकारियो को वहां जाना पड़ा । जज ने पूछा । कि आपने इसमे क्या मिलाया है ।
जो काले को गोरा बना देती है । उन्होने बोला जी कुछ नहीं मिलाया । तो जज ने पुछा ये बनती कैसे है । तो उन्होने कहा( सूअर की चर्बी के तेल से )।

देश के पढ़े लिखे गवार विज्ञापन देख आपने मुँह पर सुअर की चर्बी का तेल थोप रहे है । और अपने आप को बहुत होशियार समझ रहे है।
और यह कितनी महंगी है।

25 ग्राम 40 रुपए की
मतलब 50 ग्राम 80 रूपये की
और 100 ग्राम 160 रूपये की।
मतलब 1600 रूपये की 1 किलो।

देश के पढे लिखे ग्वार लोग 1600 रूपये किलो का सूअर की चर्बी का तेल मुह पर थोप रहे हैं लेकिन 400 -500 रूपये किलो बादाम या काजू नहीं खा रहे।

मित्रो सुंदरता fair and lovely मे नहीं है सुंदरता करीम पाउडर या लिपस्टिक में नहीं है।
सुंदरता गुण कर्म और सुभाव में होती है।

आपके गुण अच्छे है कर्म अच्छे है सुभाव अच्छा है तो आप बहुत सुंदर है।
शेयर करे।care kare
(INDIA HEALTH CURE)

Sunday, 17 July 2016

यह पोस्ट PIZZA और CHOCKLET खाने वाले जरूर पढ़े।

01:06:00 Posted by Swapnil Bhagat , ,


यह पोस्ट PIZZA और CHOCKLET खाने वाले जरूर पढ़े। 














पिज्ज़ा और चाकलेट मे डाला जाने वाला एक पदार्थ RENNET यानि की एक प्रकार का enzyme जिसे हम हिन्दी में जामन भी कहते है। यह enzyme एक नवजात या यूं कहे जिस गाय के बछड़े ने अभी कुछ समय पहले ही इस दुनिया में जन्म लिया है उसके पेट के चौथे हिस्से में जुगाली करने से बनता है। इसके अतिरिक्त ये कुछ और जानवरो को बच्चो जैसे की बकरी और भेड़ के। पेट के चौथे हिस्से में मिलने वाला RENNET बहुत सारे enzymes से मिल कर बना होता है, जो इन्हे माँ का दूध पचाने में मदद करता है।



RENNET enzyme PIZZA के cheese को तैयार करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। और यह हमें सिर्फ एक ही सूरत में प्राप्त हो सकता है, या तो हम जुगाली करें या उस गाय के बछड़े को मार कर उसके पेट को काट कर उसमे से उस enzyme RENNET को निकाला जाए। ये सब मांस के उत्पादन का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। कभी कभार RENNET की मात्रा कम होती है और उसके साथ साथ PEPSIN होता है जो की प्रचुर मात्रा में होता है, जो की सिर्फ खास प्रकार के दूध (चाकलेट मे प्रयोग होने वाला )या पनीर (piza cheese) बनाने के ही काम आता है।



प्रत्येक जुगाली करने वाला प्राणी अपनी प्रजाति के दूध को पचाने के लिए ही RENNET बनाता है। और ये PIZZA cheese बनाने वाली कंपनिया और चाकलेट बनाने वाली कंपनियाँ इस NZYME RENNET को पाने के लिए ना जाने कितने ही मासूम बछड़ो की हर रोज़ बलि चढ़ा देती है।CHEESE PIZZA को बनाने का ये एकमात्र उपाय है, मैं उन सभी भाइयों से अनुरोध करूंगा की जो भी पिज्जा या चाकलेट खाते है वो एक बार इन्हे खाने खाने से पहले उसमे डाले जाने वाले पदार्थों के बारें में अवशय जान लें। अगर हो सके तो अगली बार PIZZA खाने से पहले Pizza वाले से पनीर को बनाने की विधि के बारें में जरूर पूछे। और आपको याद होगा कुछ दिन पहले चाकलेट बनाने वाली बहुत बढ़ी विदेशी कंपनी ने खुद स्वीकार किया था की उनकी चाकलेट मे गाय के बछड़े का मांस होता है !
अगर किसी को भी मेरी बातों पर थोड़ा सा भी शक है तो आप लोग खुद नीचे दिये गए लिंक पर जाकर देख सकते है .

w w w . w i s e g e e k . o r g /w h a t – i s – r e n n e t .h t m

अगर नहीं पढ़ सकते तो सिर्फ गूगल में इतना लिख कर ही खोजें आपको अपने आप सच्चाई का पता चल जाएगा “calf slaughter images for the rennet”


गौ माता और मासूम बछड़ो के प्रति थोड़ी सी भी दया बची हो तो इस post को share करना ना भूलें !

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